हमर मिशन: मिथिलाक विरासतक संरक्षण
मिथिलाक आत्मा के संरक्षण
मिथिलाऑनलाइन समुदाय एकटा वैश्विक पहल अछि, जे हमर समृद्ध भाषा, कालातीत परंपरा आ जीवंत मिथिला संस्कृतिक उत्सव मना कऽ मैथिलसभकें एकजुट करैत अछि। हमर लक्ष्य अछि जे जगतमे जतय कहीं मैथिल समुदायक लोक छथि, ओकरा सबहकें शिक्षित करब, सशक्त करब आ जोड़ब, जाहि सँ मिथिलाक विरासतक स्थायी प्रभाव सुनिश्चित कयल जा सकय।
जीवंत मिथिला संस्कृति के अनुभव करू
पवित्र पर्व छठि आ सामा-चकेवा सँ लऽ कऽ जीवंत लोक कला आओर व्यंजन धरि, मिथिला संस्कृति पीढ़ीसभकें जोड़ैत अछि। मैथिल संस्कृतिकें जे अद्वितीय बनबैत अछि, ओकर उत्सव मनाऊ।


मिथिलावासी के जीवन उठबै लेल हमरा सं जुड़ू।
एक पग आगाँ बढ़ाऊ, मानवता के सेवा करू, हाथ बढ़ाऊ आ मदद करू
हम सभ विश्वास करैत छी समुदाय आ करुणा केर शक्ति में। संगहि मिलि कऽ, हम मिथिलाक लोकक जीवन स्वास्थ्य, शिक्षा आ मानसिक सहारा सऽ ऊपर उठा सकैत छी। नजदीक होए वा दूर, अहाँक योगदान ओतबे जरूरी अछि।
स्वास्थ्य सेवा केर पहुँच
कतेको ग्रामीण परिवार केँ बुनियादी स्वास्थ्य सेवा नै भेटैत अछि। चलू, मिलिकऽ स्वास्थ्य शिविर लगाबी आ जरुरतमंद गाम सभ में जीवन बचाबय बला सहायता पहुँचाबी।
सभक लेल शिक्षा केर समर्थन
बुनियादी शिक्षा आ अधुनातन कौशल सँ बाल-बालिका आ प्रौढ़ लोकनिक बीच साक्षरता केर अंतर समाप्त करैत, हुनकर भविष्य उज्जवल बनाबी।

एक संग मिलिकऽ, बदलाव संभव अछि
प्रत्येक नेकीक कार्य मायने रखैत अछि। अहाँक समय, संसाधन वा प्रयास मिथिलाक लोकक जीवन में नव आशा लऽ कऽ आबि सकैत अछि। संगहि मिलिकऽ, हम सिर्फ सहायता नै, बल्कि गरिमा, सम्मान आ उज्जवल भविष्य देब सकैत छी।
💙 अहाँ केना मदद कऽ सकैत छी
- स्वेच्छा सँ समय वा कौशल दान करू
- बाल-बालिका केर शिक्षा वा स्वास्थ्य केर प्रायोजक बनू
- संदेश फैलाबी आ लोक केँ जागरूक करू

आज ककरो मुस्की केर कारण बनू।
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साँच बात
साँच मिथिला कथा
दुनियाँ भरिक मैथिल लोकनि अपन भाषा, पर्व आ परंपरा केँ एकजुट भऽ संरक्षित कऽ रहल छथि।
संगहि उत्सव मनाऊ
आगामी पर्व, भाषा कक्षा, आ ऑनलाइन समुदायिक कार्यक्रम सभक जानकारी पाऊ।
26
May

वट सावित्री पूजा २०२५
एक पवित्र पर्व, जतय विवाहित हिन्दू स्त्री सभ बरगद गाछक नीचाँ उपवास कए अपन पतिक दीर्घायु आ सुख-समृद्धि लेल प्रार्थना करैत छथि।
14-27
July

मधुश्रावणी २०२५
एक पारंपरिक मैथिल पर्व जे नवविवाहित स्त्री सभ द्वारा नाग देवता के सम्मान देबाक लेल मनाओल जाइत अछि, जाहि में उपवास आ कथा-वाचन द्वारा वैवाहिक संबंध केँ मजबूत बनाओल जाइत अछि।







